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काफी महंगा साबित हो रहा किसानों को खेती करना
Tags: Uttar Pradesh, Sitapur
Publised on : 14 December 2016 Time: 20:15    News source: Indian Rural News Agency (IRNA)

सीतापुर(यूपीएसएस)। IRNA NEWS। विकास खण्ड पिसावां जैसे भूड़ इलाके में किसानों को सिचाई करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भूड़ इलाके में पानी की अधिक खपत होने के कारण खेती करने वाले किसानों को खेती करना काफी महंगा साबित हो रहा है। एक तो नोट बंदी की दिक्कत किसानों को फसल की सिंचाई करना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। सिंचाई विभाग व् बिजली विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते किसानों को कोई भी लाभ नहीं मिल पा रहा। सिंचाई विभाग व् बिजली विभाग के पास दौड़.दौड़ कर किसानों का बुरा हाल हो चुका है। आज भी अधिकांश नलकूप दोनों विभागों की लापरवाही की भेंट चढ़ रहे हंै। जब क्षेत्रीय किसान सिंचाई विभाग को शिकायती पत्र देकर अवगत कराते हैं। तब वह बिजली विभाग की कमी बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हंै और जब किसान बिजली विभाग को नलकूप खराब होने की लिखित सूचना देते हैं। तो वह सिंचाई विभाग की गलती दर्शाकर अपने को संकट से मुक्त कर लेते हैं। भाग दौड़ करके थक हार कर किसान घर पर बैठने को मजबूर हो जाते है। सिंचाई विभाग व् बिजली विभाग इन नलकूपों पर कितना ध्यान देते है। उसका एक उदाहरण पिसावां क्षेत्र के ग्राम ब्रह्माऊकला स्थित राजकीय नलकूप संख्या 155 को देखने को मिला। लगभग कई महीने से खराब है जिसकी सूचना मौखिक व् लिखित रूप से कई बार बिजली विभाग व् सिंचाई विभाग से शिकायत की गयी। ब्रह्माऊकला निवासी दिनेश पाल ने बताया कि पहले इसका मोटर खराब था। जब मोटर बना तो अब ट्रांसफार्मर की तकनीकी खराबी होने से यह नहीं चल सका। उमाशंकर पाल ने बताया कि इस नलकूप से लगभग तीन सौ एकड़ से ज्यादा खेती प्रभावित हो रही है। जिससे फसलों को पानी न मिलने से फसल की पैदावार भी कम हो रही है। अर्जुन पाल, सुरेश पाल, नजरब, घुन्नी, भन्नू आदि ने नलकूप की मरम्मत कराये जाने की मांग की है।

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