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घटतौली पर 12 तौल लिपिकों के लाइसेंस निलंबित
Tags: Meerut Dy cane commissioner VB Singh
Publised on : 01 February 2014, Time: 19:19
News source: Indian Rural News Agency (IRNA)

Meerut मेरठ। उप गन्ना आयुक्त डॉ. वीबी सिंह ने गन्ना खरीद केंद्रों पर छापेमारी में गड़बड़ी मिलने पर 12 तौल लिपिकों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। दो दिन हुई छापामारी में 170 खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया गया।

मेरठ मंडल के उप गन्ना आयुक्त डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि 30 और 31 जनवरी को मंडल की चीनी मिलों के 170 खरीद केंद्रों पर छापे डाले गए। इसमें 87 खरीद केन्द्रों पर सामान्य किस्म की अनियमितताएं मिलीं तथा 12 केन्द्रों पर गंभीर किस्म की अनियमितताएं पाई गई। साबितगढ़ चीनी मिल के 2 खरीद केन्द्रों पर घटतोली पकड़ी गईं तथा हापुड़ क्षेत्र में एक कांटा अषुद्ध मिला है। घटतौली पर 12 तौल लिपिकों के लाइसेंस निलंबित किए गए। इससे गड़बड़ी करने वालों में हड़कंप मच गया है। उन्होंने बताया छापामारी अभियान में मंडल के ज्येष्ठ़ गन्ना विकास निरीक्षकों तथा गन्ना समितियों के सचिवों की 16 टीमे बनाई गई थीं। गोपनीय रुप से इनकी सुपर चैकिंग के लिए जिला गन्ना अधिकारियों को भी लगाया गया था। प्रत्येक टीम को संबंधित मिल एवं समिति क्षेत्र में चल रहे तौल कांटों के कम से कम 12-12 निरीक्षण करने थे। 170 गन्ना खरीद केन्द्रों की जांच की गई। मेरठ़ के जिला गन्ना अधिकारी राजीव राय ने 17 तथा हापुड़ की जिला गन्ना अधिकारी डा. नमिता कष्यप ने 9 केन्द्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय 43 खरीद केन्द्र्र बंद मिले। मवाना चीनी मिल के 7 खरीद केन्द्रों पर तैनात तौलबाबू छापामार दल को आया देख भाग खड़े हुए। एक तौल बाबू पर तौल लाईसेंस उपलब्ध नहीं था।

मिल मालिकों से सांठ-गाँठ कर गन्ना किसानों का उत्पीड़न कर रही सरकार

लखनऊ। कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा सरकार मिल मालिकों से सांठ-गांठ कर गन्ना किसानों का उत्पीड़न कर रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा कि गन्ना मूल्य बकाये भुगतान को लेकर किसान आत्महत्या कर रहे हैं किन्तु राज्य सरकार को गन्ना किसानों से कोई सरोकार नहीं रह गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य का लगभग इस वर्ष का बकाया लगभग 3600 करोड़ हो चुका है और पिछले वर्ष का बकाया लगभग 1150करोड़ रूपये बकाया था जिसको मिलाकर अब लगभग 4700 करोड़ रूपये चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया हो चुका है।  प्रदेश कंाग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा गन्ना किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को देखते हुए गन्ना मूल्य के बकाया भुगतान हेतु ब्याजमुक्त भारी भरकम धनराशि प्रदेश सरकार को जारी की गयी है फिर भी प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक मिल मालिकों से किसानों का बकाया भुगतान कराये जाने के कोई भी प्रयास नहीं किये गये। जिसके चलते अन्य फसलों की बुआई भी प्रभावित हुई है। प्रदेश सरकार अपने निजी स्वार्थ के चलते मिल मालिकों से सांठ-गांठ करके गन्ना किसानों का उत्पीड़न करने पर उतारू है, जिसके कारण किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं।अग्रवाल ने कहा कि प्रवक्ता ने कहा कि विडम्बना तो यह है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा गन्ना किसानों के बकाये भुगतान के लिए समयबद्ध निर्देश जारी किये गये हैं उसके बावजूद भी प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार पूरी तरह संविधान विरोधी रूख अपनाते हुए गन्ना किसानों की ओर से आंख मूंदे बैठी है और मा0 न्यायालय के निर्देशों का भी अनुपालन नहीं करा रही है।श्री अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि प्रदेश सरकार मा0 उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करते हुए अविलम्ब बकाया भुगतान को ब्याज सहित गन्ना किसानों को दिलाये। वरना कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों के लिए बड़ा आन्दोलन करने को बाध्य होगी।