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बरसात व ओलावृश्टि से किसानों की टूटी कमर
Tags: Gonda Agriculture News,
Publised on : 16 February 2014, Time: 17:02
News source: Indian Rural News Agency (IRNA)

गोण्डा। रह रह कर होती रही बे मौसम बरसात जहां अभी तक बरदान साबित होती रही वहीं रविवार की दोपहर बाद गिरे ओला वृश्टि व तेज हवाओ ने किसानो की कमर ही तोड़ कर रख दी। ाुक्रवार की रात व ानिवार को हुए बारिष से गेहूं की फसल को जहां लाभ हुआ वहीं किसानों को सिंचाई से भी राहत मिली थी मगर रविवार किसानो के लिये बेहद अमंगलकारी साबित हुई।
इस बरसात से पहले किसानों को सरसो, मटर व गेहूं के सिंचाई की चिंता सता रही थी मगर ानिवार को हुई बारिष ने किसानों की यह चिंता दूर कर दी थी। किसानों का कहना था कि यह बारिष खासकर गेहूं की फसल के लिए सोने पर सुहागा साबित होगी। इससे पैदावार बढ़ेगी लेकिन रविवार को अचानक लगभग दो बजे के बाद आसमान मे मंडरा रहे काले काले मेघो ने जहां बारिस ाुरू की वही काफी देर तक आसमान से ओले भी बरसते रहे।
किसान सुनील, पंकज ाुक्ला का कहना है कि वह गेहूं व सरसो की फसल की सिंचाई के लिए परेषान थे। आये दिन डीजल के दाम बढ़ने व बिजली न आने से फसलों की सिंचाई नही हो पा रही थी। इस बारिष से गेहूं व सरसो की पैदावार मे बढ़ोत्तरी होगी। इस बार जनवरी माह मे भी बारिष होने से गेहूं की फसल को लाभ पहुंचा था। दो दिनो के लगातार हो बारिष पैदावार को और अधिक बढ़ा देगी। क्योंकि बारिष पानी कोपलों से लेकर गेहूं की जड़ तक जाता है। इस लिए सिंचाई के मुकाबले बारिष का पानी फसल को अत्यधिक लाभ पहुंचाता है। वहीं कुछ किसानों का कहना है कि सरसो की फसल मे इस समय चेपा लगा हुआ था। बरसात से सरसो मे लगा चेपा धुल गया है। इससे लाभ होगा लेकिन सरसो की उगती फसल इस समय पकाव पर है। बारिष से उसका दाना सड़ सकता है। हालाकि अभी तक हुई बरसात से ज्यादा नुकसान नही है। तेज हवाओं के साथ यदि बारिष हुई तो नुकसान हो सकता है।