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कीटनाशकों के सुरक्षित प्रयोगों पर किसानों को प्रशिक्षण
Tags: Sitapur, Pestiside uses training
Publised on : 11 May 2016 Time: 19:23    News source: Indian Rural News Agency (IRNA)

सीतापुर(यूपीएसएस)। कीटनाशकों के असंतुलित एवं अन्धाधुन्ध प्रयोग से जहां एक ओर मृदा एवं पर्यावरण पर दुष्प्रभाव पड़ता है। वहीं दूसरी ओर असुरक्षित तरीकों एवं अज्ञानतावश मानव स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। कीटनाशकों के सुरक्षित एवं प्रभावीय प्रयोगों पर किसानों के मध्य जागरूकता लाने हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र कटिया द्वारा प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन आयोजित किये जा रहे हैं। किसानों को पीड़कनाशी प्रयोग करते समय सुरक्षात्मक कवचवस्त्र एवं कीटनाशकों के रखरखाव व प्रयोगों पर जानकारी देने हेतु बिसवां विकास खण्ड के ग्राम बस्तीपुर में किसानों को सम्बोधित करते हुये केवीके कटिया के विभागाध्यक्ष डा0 आनन्द सिंह ने कहा कि पीड़कनाशी एक प्रकार का विष है। जिसे हम फसलों में कीट व्याधियों से बचाव हेतु प्रयोग करते हैं, किन्तु हमें यह ध्यान रखना होगा कि यदि इनके प्रयोग करने में लापरवाही बरती गई तो यह मनुष्य के लिए जानलेवा हो सकता है। पशुपालन वैज्ञानिक डा0 आनन्द सिंह द्वितीय ने बताया कि चारा वाली फसलों पर कीटनाशकों का प्रयोग न करें तथा कीटनाशकों को कभी भी भोज्य पदार्थ, सब्जियों, चारा वाली फसलों एवं अन्य खाद्य सामग्री के साथ परिवहन न करें। प्रसार वैज्ञानिक एसके सिंह ने बताया कि कीटनाशक प्रयोग के दौरान खानपान एवं धूम्रपान खैनी इत्यादि से परहेज करें। गृह वैज्ञानिका डा0 सौरभ ने बताया कि दवा प्रयोग कर रहे किसानों को यदि चक्कर, सर दर्द, थकान, जोड़ों में दर्द, उल्टी या जलन की शिकायत हो तो तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क कर परामर्श लें। इस अवसर पर बायर क्राप साइसेंस के टेरीटरी मैनेजर रवि भदौरिया ने 20 किसानों को सुरक्षात्मक किट प्रदान करते हुये किसानों से अनुरोध किया कि जिस प्रकार से हम अपनी फसलों के बचाव हेतु दवा का प्रयोग करते हैं। ठीक उसी प्रकार किसान भाई अपने आप को हानिकारक रसायनों से बचने हेतु सुरक्षात्मक वस्त्रों के बगैर दवा का प्रयोग न करें। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन सचिन प्रताप तोमर ने किया।

Web Title: Safe uses of pesticide