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पंचायती राज के परफार्मेस ग्रांट घोटाले में लोकायुक्त को परिवाद
Tags: Panchayti Raj Performance Grant Scame, Nutan Thakur, Indian Rural News Agency

Rural News लखनऊ.14 मार्च 2020  एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को अनियमित रूप से परफोर्मेंस ग्रांट की धनराशि देने के मामले में लोकायुक्त जस्टिस संजय मिश्रा के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया है।
परिवाद में नूतन ने कहा कि इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार भेदभावपूर्ण कार्यवाही कर रही है. उन्होंने कहा कि एसपी, विजिलेंस राम किशुन द्वारा तत्कालीन प्रमुख सचिव सतर्कता अरविन्द कुमार को भेजे पत्र दिनांक 11 जुलाई 2019 में कनिष्ठ अफसरों के साथ ही पूर्व निदेशक अनिल कुमार दमेले तथा विजय किरण आनंद के खिलाफ भी धारा 409, 120बी आईपीसी व 13(1)(सी) तथा 13(1)(डी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुक़दमा दर्ज करने की संस्तुति की गयी थी.
नूतन ठाकुर ने कहा कि विजिलेंस की संस्तुति के विपरीत शासन ने पहले मात्र कनिष्ठ अफसरों के विरुद्ध मुक़दमा दर्ज करने की अनुमति दी. उनके द्वारा इस बात को उठाये जाने पर सरकार ने एक पूर्व निदेशक अनिल कुमार दमेले के खिलाफ कार्यवाही की स्वीकृति दे दी लेकिन श्री आनंद के खिलाफ स्वीकृति नहीं दी गयी.
उन्होंने कहा कि श्री आनंद 18 अप्रैल से 20 दिसंबर 2017 तक निदेशक, पंचायती राज के पद पर थे, जहाँ से उन्हें मेला अधिकारी, प्रयागराज बनाया गया था. इस दौरान राष्ट्रीय पंचायती राज प्रधान संगठन ने दिनांक 18 अप्रैल को शासन से इस चयन के संबंध में शिकायत की थी जिस पर शासन ने 23 अप्रैल को जाँच करा कर 15 दिन में आख्या देने का निर्देश दिया था. श्री आनंद ने 03 मई 2017 को सभी बैंकों को उसी दिन धनराशि इलेक्ट्रॉनिक ट्रान्सफर के माध्यम से स्थानांतरित कर सूचित करने के निर्देश दिए, जिससे उनकी भूमिका स्पष्ट हो जाती है.
नूतन ने इन तथ्यों के आधार पर श्री आनंद पर कार्यवाही की मांग की है.
Lokayukta complaint in Performance Grant scam
Activist Dr Nutan Thakur has presented complaint before Lokayukta Justice Sanjay Mishra in the Performance grant scam related with illegal grant of money to village Panchayats.
In her complaint, Nutan has said that the State Government is acting in a biased manner in this case. She said that in his letter dated 11 July 2019 sent to then Principal Secretary Vigilance Arvind Kumar, SP Vigilance Ram Kishun had recommended registration of FIR under sections 409, 120B IPC and 13(1)(c) and 13(1)(d) read with section 13(2) of Prevention of Corruption Act.
Nutan said that in contrast to the Vigilance recommendation, the State Government gave permission for FIR only against junior officers. When she raised the matter, the State Government gave permission for FIR against ex Director Anil Kumar Damele but remained silent about Sri Anand.
Nutan said Sri Anand had been Director, Panchayati Raj between 18 April to 20 December 2017, when he was made Mela Officer, Prayagraj. During this period, Rashtriya Panchayati Raj Pradhan Sangathan had presented a complaint dated 18 April on which the State Government had asked the Director to enquire and report in 15 days. Despite this, Sri Anand directed all the Banks on 03 May 2017 to electronically transfer the allotted grant on the same day and intimate him of the same, which completely clarifies his role.
On the basis of above facts, Nutan said sought action against Sri Anand.

 

Web Title:Lokayukta complaint in UP Panchayat Performance Grant scam