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गन्ना किसानों को केन्द्र सरकार ने दी 35 सौ करोड़ की सहायता

  • केन्द्र सरकार ने चीनी निर्यात सब्सिडी का पैसा मिलों की बजाय किसानों को देने का फैसला किया है। यह पैसा गन्ना किसानों के चीनी मिलों की तरफ बकाया में समायोजित किया जाएगा। क्योंकि चीनी मिलें किसानों का समय से भुगतान नहीं कर सकी हैं। इसलिए चीनी मिलों के लिए जारी निर्यात सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में भेज दी जाएगी। बची हुई शेष राशि चीनी मिलों को दी जाएगी। किसान आन्दोलन के दौरान यह केन्द्र सरकार का बड़ा फैसला है।

Tags: Prime Minister Narendra Modi, Sugar cane Farmers, Subsidy payment
Publised on : 2020:12:16     Time 20:35              Last  Update on  : 2020:12:16     Time 20:35

नई दिल्ली, 16 दिसंबर 2020 । (PIB - Indian Rural News Agency)। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गन्‍ना किसानों को 3,500 करोड़ रुपये की सहायता देने की मंजूरी दे दी। धनराशि सीधे किसानों के खातों में जमा की जाएगी। यह धनराशि चीनी मिलों को मिलने वाले निर्यात अनुदान के रूप में स्वीकृत की गई है किन्तु इसे मिलों को न देकर किसानों को उनके बकाया के रूप में दे दिया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि इस समय देश में करीब पांच करोड़ गन्‍ना किसान और उनके परिवार हैं। इनके अलावा, चीनी मिलों में तथा उसकी सहायक गतिविधियों में काम करने वाले करीब पांच लाख कामगार हैं और इन सभी की आजीविका चीनी उद्योग पर निर्भर है। किसान अपना गन्‍ना चीनी मिलों sugar mills को बेचते हैं, लेकिन चीनी मिल मालिकों से उन्‍हें उनका भुगतान प्राप्‍त नहीं होता क्‍योंकि उनके पास चीनी का अतिरिक्‍त स्‍टॉक होता है। इस चिंता को दूर करने के लिए सरकार चीनी के अतिरिक्‍त स्‍टॉक को शून्‍य पर लाने के प्रयास कर रही है। इससे गन्‍ना किसानों के बकाये का भुगतान करने में सहूलियत होगी। सरकार इस उद्देश्‍य के लिए 3,500 करोड़ रुपये व्‍यय करेगी और इस सहायता की राशि को चीनी मिलों की ओर से बकाये के भुगतान के तौर पर सीधे किसानों के खातों में जमा किया जाएगा। शेष राशि, यदि बचेगी तो, उसे चीनी मिलों के खाते में जमा कर दिया जाएगा।
इस सब्सिडी का उद्देश्‍य चीनी मिलों द्वारा चीनी सत्र 2020-21 के दौरान अधिकतम स्‍वीकार्य निर्यात कोटा (एमएईक्‍यू) MAEQ के तहत 60 लाख मीट्रिक टन की मात्रा तक चीनी का निर्यात करने पर उसके प्रबंधन, सुधार तथा अन्‍य प्रसंस्‍करण लागत और अंतर्राष्‍ट्रीय तथा घरेलू परिवहन एवं माल भाड़ा शुल्‍क समेत उस पर आने वाली कुल बाजार कीमत को पूरा करना है। इस निर्णय से पांच करोड़ गन्‍ना किसानों और उनके परिवारों तथा चीनी मिलों एवं अन्‍य सहायक गतिविधियों में काम करने वाले पांच लाख कामगारों को लाभ होगा।

Web Title: 3500 Cr to Sugar cane farmers

News Source: Indian Rural News Agency ( IRNA )